नई दिल्ली:- स्वंतत्रता आंदोलन के दिनों में देश के कोने-कोने में राष्ट्रीय गौरव, देशभक्ति और एकता की भावना को जगाने वाले गीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि उन्नीसवीं सदी में बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध सन्यासी विद्रोह की पृष्ठभूमि में “वन्दे मातरम्” का जो अमर गीत रचा वह 1905 के स्वदेशी आंदोलन के समय से जन-जन का प्रेरणा स्रोत बन गया। तब से ही, भारत माता की वंदना का यह गीत हमारे देशवासियों की भावनात्मक चेतना और एकता का उद्घोष बना हुआ है और बना रहेगा। स्वाधीनता के बाद देश ने राष्ट्र गीत के रूप में इसे सादर अपनाया। इस गीत के 150 वर्ष पूरे होने के गौरवशाली अवसर पर हम सभी देशवासी यह दृढ़ संकल्प लें कि हम भारत माता को इस गीत की भावना के अनुरूप सुजला, सुफला और सुखदा बनाए रखेंगे। वन्दे मातरम्!’
